इस वीडियो में आप देख सकते हैं की दो छिपकलियां दीवार पर हैं! तभी ना जाने कहाँ से एक सांप आता है और उनमें से एक छिपकली को जकड लेता है! सांप की जकड इतनी मजबूत है की बेचारी छिपकली उसमें से निकल नहीं पाती है! उसकी साथी दूसरी छिपकली देख रही है की अब क्या किया जाए! अंत में वह निर्णय लेती है की अपनी साथी की जान किसी भी हालत में बचानी है चाहे कुछ भी हो जाए!
अंत में कौन जीतता है और कौन हारता है, ये इस वीडियो मैं नहीं दिखाया गया है, पर इस वीडियो में एक छिपकली के जूनून, उसकी मनोस्थिति और संघर्ष का मनोवैज्ञानिक चित्रण जरूर प्रस्तुत किया गया है!
उम्मीद है की अंत में जीत सत्य यानी की छिपकली की ही हुई होगी! पर इस सबसे इंसानों को सबक लेने की जरूरत है की उसको अपना स्वार्थ छोड़कर दूसरों के दुखों में उनका साथ देना चाहिए! इसी सोच और कार्यशैली से वह प्रसंशा का पत्र और सच में एक मनुष्य बन पायेगा!

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें